Research And Thinking Critical Thinking About Research

Research And Thinking

अनुसंधान चिंतन और मानव् प्रगति विश्लेषण

अनुसंधान चिंतन ( Research And Thinking) व मानव प्रगति मै अत्यंत घनिष्ठ सम्बन्ध है अनुसंधान का मूल आधार मस्तिष्क की वह प्रक्रिया है जिसे चिंतन कहते है अनुसंधान के आरम्भ से लेकर अंत तक जितने भी क्रिया कलाप होते है उनकी दिशा व रूप निर्देश को प्रदर्शित करने वाली प्रगति को चिंतन कहते है शोध प्रबंध की उत्कृष्टता का मुख्या आधार भी मस्तिष्क है अंत अनुसंधान मै इस प्रक्रिया के बारे मै चिंतन करना उपयोगी होगा
चिंतन मानव मस्तिष्क की विशेष प्रक्रिया है और सभी क्षेत्रों मै मानव की उन्नति का आधार भी है जानवर कुछ नहीं सोचते अगर सोचते भी है तो उसका मतलब यह नहीं की वह मनुष्य है विशेष चिंतन के बिना मनुष्य भी प्रतिदिन अनेक कार्य करता है जिनका आधार या तो परम्परा है या आदत अथवा वैचारिक उत्तेजना . जो खुद स्वयंम करता आया है या दूसरे लोग करते आएं है उससे करने के लिए विशेष चिंतन की जरूरत नहीं है .

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यही हमारे सामने कोई समस्या उत्त्पन हो जाती तो उसे सुलझाने के लिए चिंता करनी ही पड़ती है आदिमानव से लेकर आजतक के इस मानव ने इस तरह हज़ार समस्या को सुलझाने के लिए जो चिंतन किया है उसी के फलस्वरूप वह आज सफलता प्राप्त कर रहा है . यह दूसरी बात है की इन् उपलब्धियों मै से कुछ तो वरदान साबित हुई है और कुछ अभिशाप पर इतना तो मानना पड़ेगा ही की अपनी समस्त भलाइयों और बुराइयों के साथ सफलता का आधार चिंतन एक खोज ही है .
जब आदिमानव का चिंतन अधिक गहरा या गंभीर न था और किसी न किसी समस्या को सुलझाने के लिए चिंतन किया और सोचकर कोई उपाय निकाला तभी से अनुसंधान का आरम्भ हुआ इस प्रकार हम कह सकते है की मानव सभ्यता व प्रगति का आधार अनुसंधान है और अनुसंधान का आधार चिंतन (Research And Thinking) है

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